विद्युत् उर्जा किसी भी देश के विकास की रीढ़ होती है और इस रीढ़ पर पूरा देश निर्भर करता है| जितने भी विकसित देशों का उदहारण ले लें हम सभी देश विद्युत् को सर्वोपरि मानते हैं और विद्युत् पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं| भारत एक विकासशील देश है और इस विकासशील देश होने में सबसे बड़ा हाथ विद्युत् की कमी होना भी दर्शाता है| आज आदमपुर में शहीद भगत सिंह युवा क्लब के द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में इकठ्ठा ५००० लोगों की भीड़ जिसमे बड़े, बूढ़े, औरतें, बच्चे सभी शामिल थे को संबोधित करते हुए देश की भारत की परमाणु सहेली डॉ० नीलम गोयल ने विद्युत् उर्जा और उसके संभावित और उपस्थित उद्गमों पर प्रकाश डाला|
डॉ० गोयल ने बताया की आज भारत में ७२४ यूनिट प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष विद्युत् उपलब्ध है और ये बहुत बड़ा रोड़ा है विकास के राह में क्यूंकि अगर हम विकसित देशों से तुलना करें तो आज भारत में बहुत ही कम विद्युत् उपलब्ध है| हमें आज जरुरत है प्रति व्यक्ति ५००० यूनिट की आवश्यकता है तभी हमारा देश तरक्की कर पायेगा| और मौजूदा संभावित उद्गम परमाणु उर्जा के अलावा बहुत ही कम हैं| परमाणु उर्जा जनित बिजली पूरी तरह सुरक्षित और वातावरण के अनुकूल होती है| साथ ही जहाँ परमाणु बिजलीघर होते हैं वहां का वातावरण भी बहुत ही सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल होता है| परमाणु बिजलीघर से कहीं भी कोई हानी नहीं है और इसके लिए हम परमाणु बिजलीघरों का इतिहास उठा कर देख सकते हैं की कहीं भी विश्व में परमाणु बिजलीघर से कोई मौत नहीं हुई है| बल्कि सबसे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं, बम विष्फोट और आतंकी गतिविधियों के चलते होती हैं|अब ये हमें और खास तौर पर देश के युवाओं को सोचना है की हमें क्या चाहिए विकास या पिछड़ापन, विकसित देश या विकासशील ही बने रहना|
डॉ० गोयल ने बताया की आज भारत में ७२४ यूनिट प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष विद्युत् उपलब्ध है और ये बहुत बड़ा रोड़ा है विकास के राह में क्यूंकि अगर हम विकसित देशों से तुलना करें तो आज भारत में बहुत ही कम विद्युत् उपलब्ध है| हमें आज जरुरत है प्रति व्यक्ति ५००० यूनिट की आवश्यकता है तभी हमारा देश तरक्की कर पायेगा| और मौजूदा संभावित उद्गम परमाणु उर्जा के अलावा बहुत ही कम हैं| परमाणु उर्जा जनित बिजली पूरी तरह सुरक्षित और वातावरण के अनुकूल होती है| साथ ही जहाँ परमाणु बिजलीघर होते हैं वहां का वातावरण भी बहुत ही सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल होता है| परमाणु बिजलीघर से कहीं भी कोई हानी नहीं है और इसके लिए हम परमाणु बिजलीघरों का इतिहास उठा कर देख सकते हैं की कहीं भी विश्व में परमाणु बिजलीघर से कोई मौत नहीं हुई है| बल्कि सबसे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं, बम विष्फोट और आतंकी गतिविधियों के चलते होती हैं|अब ये हमें और खास तौर पर देश के युवाओं को सोचना है की हमें क्या चाहिए विकास या पिछड़ापन, विकसित देश या विकासशील ही बने रहना|
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